अन्तरराष्ट्रीय हैड़ाखण्डी पत्रिका 4
ग्रीष्म 2011 · भारतीय हैड़ाखण्डी समाज समाचार सहित
संगृहीत — हमारा कार्य नहीं
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इस कृति के विषय में
"बाबाजी का पुनरागमन — हमारी आशाएँ, आशंकाएँ और सपने।" श्री मुनिराजजी से सीधे पूछा जाता है कि क्या बाबाजी लौट रहे हैं, और दर्जन भर देशों के भक्त अपने-अपने शब्दों में इसी प्रश्न का उत्तर देते हैं। साथ में सोमवारी बाबा और पवित्र अग्नि पर उनकी शिक्षा पर एक लेख, भारत में समाज के अस्पतालों के समाचार, और विदेश के आश्रमों से विवरण।
अनुवाद एवं स्रोत
यह न हमने लिखा है, न अनूदित किया। यह हैड़ाकान परम्परा के भीतर मुक्त रूप से प्रचलित मिला और यहाँ बिना सम्पादन के इसलिए संगृहीत है कि उपलब्ध बना रहे। यदि इस पर आपका अधिकार है तो कृपया हमें लिखें।
- अनुवादक
- इस पुस्तकालय द्वारा अनूदित नहीं
- स्रोत संस्करण
- हैड़ाखण्डी समाज की पत्रिका का अंक 4, ग्रीष्म 2011। संरक्षण हेतु यहाँ संगृहीत; यह न हमने लिखी है, न अनूदित की है।
- प्रस्तुति
- माना जाता है कि हैड़ाखण्डी समाज द्वारा यह निःशुल्क वितरित है। यदि इस कृति के अधिकार आपके पास हैं, तो कृपया हमें लिखें — हम आपको श्रेय देंगे या इसे हटा देंगे।