
भोले बाबा की अलौकिक लीलाएँ
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इस पुस्तक के विषय में
बाबाजी के संरक्षण में बीते एक परिवार के वर्ष, सरलता से और क्रमवार कहे गए — उनके अनुरोध पर बने मन्दिर, एक त्रिशूल जो बोला, लौटा दिया गया काला जादू, और वे निर्देश जो गुरु गोरखनाथ ने उनके द्वारा भेजे। एक भक्त द्वारा लिखित, जिसने जो सुना और जो देखा उसे लिपिबद्ध किया, और उन स्थानों के छायाचित्रों सहित मुद्रित जहाँ यह सब घटा।
अनुवाद एवं स्रोत
यह रचना हमने न लिखी है न अनूदित की। यह हमें ऐसे स्कैन के रूप में मिली जिसे कोई कंप्यूटर पढ़ नहीं सकता था — अतः यहाँ प्रस्तुत संस्करण इस पुस्तकालय हेतु तैयार किया गया: प्रत्येक पृष्ठ मशीन द्वारा पढ़ा गया, मूल से मिलाकर देखा गया, और नये सिरे से ऐसी पुस्तक के रूप में संयोजित किया गया जिसे आप खोज सकें और ऑनलाइन पढ़ सकें। पाठ लेखक का है; संस्करण हमारा। यदि इस पर आपके अधिकार हों तो हमें लिखें।
- अनुवादक
- इस पुस्तकालय द्वारा अनूदित नहीं
- स्रोत संस्करण
- स्वामी फ़कीरानन्द द्वारा अंग्रेज़ी में लिखित और हैड़ाखान परम्परा के भीतर प्रसारित। संरक्षण हेतु यहाँ संगृहीत; यह न हमने लिखी है, न अनूदित की है।
- प्रस्तुति
- माना जाता है कि यह हैड़ाखान परम्परा के भीतर निःशुल्क वितरित है। यदि इस कृति के अधिकार आपके पास हैं, तो कृपया हमें लिखें — हम आपको श्रेय देंगे या इसे हटा देंगे।